Tuesday, May 17, 2011

One by one they all fly away...

Stumbled upon an old album from my undergrad days when we were all together, in pursuit of specimenhood...

Tuesday, March 15, 2011

Sigh!


Seven miles per hour; and this was in my head?!!! So it was!! Big deal!!! The film has Richard Gere. There is a uniform involved. It's complicated. Don't judge me.

Friday, February 11, 2011

विचारों की vacancy

एक किस्म की कायरता बुन ली है तुमने,
अपने विचारों में,
अपनी धारणाओं में।
स्वीकृति के भूखे इन विचारों में,
नया सा कुछ भी नहीं।
यह क्रांति ला सकते हैं,
समय पर अपना चिन्ह ही छोड़ सकते हैं।
ये सिर्फ चाय की टपरी पर बैठकर,
चर्चा-परिचर्चा कर सकते हैं,
सबसे सहमत हो सकते हैं,
बहती हवा के रुख में बह सकते हैं।
लेकिन अगर कोई सच्चा संकल्प लेना हो,
या किसी जज़्बे का भार उठाना हो,
तो इनके पांव कांपने लगते हैं।

Tuesday, October 26, 2010

Where are the old cities?




सीढ़ी, सड़कों, दीवारों से.
गलियों, कूचों, बाज़ारों से.
आँगन और चौखट और नुक्कड़,
चारास्तों से, चौबारों से.

मंदिर तक जाते रस्ते से,
जो घाट पे जा कर गिरता था.
गलियों को छेड़ के जो उनके,
आगे-पीछे को फिरता था.

उस छत से जिस की गोदी में,
सर्दी की धूप सो जाती थी.
जहाँ शाम ढले अनगिनत पतंगे,
उतर समर में आती थीं.

फिर पूछा रुक-रुक कर मैंने,
हाट की सब दूकानों से.
जहाँ सौदा करते आये थे,
कभी रुपये, कभी चार आनों से.

पर नहीं मिला, अब किसे याद,
अब कौन पता दे सकता है?
था शहर पुराना वैसे भी,
बिक गया, कबाड़ था, अच्छा है.